मुहावरे और उनके अर्थ वाक्य प्रयोग || muhavare hindi mein || important idioms and phrases in hindi
गूलर का फूल होना : कभी भी दिखाई न देना
घाट-घाट का पानी पीना : बहुत अनुभवी होना
टिप्पस लगाना : सिफ़ारिश करना
काठ की हाँडी बार-बार नहीं चढ़ती : छल-कपट का व्यवहार हमेशा नहीं चलता
आये थे हरिभजन को ओटन लगे कपास : किसी कार्य विशेष की उपेक्षा कर किसी अन्य कार्य में लग जाना
न उथो का लेना न माथी को देना : अपने काम से काम
कान फूँकना : दीक्षित करना
सूरत नजर आना : बहुत दिनों बाद दिखाई पड़ना
घाट-घाट का पानी पीना : बहुत अनुभवी होना
जहाँ न पहुँचे रवि वहाँ पहुँचे कवि : कवि बहुत कल्पनाशील
होते हैं पुचकारता कुत्ता सिर चढ़े: ओछे लोग मुँह लगाने पर अनुचित लाभ उठाते हैं
आँख का नीर ढल जाना : निर्लज्ज हो जाना
तोते की तरह आँखे फेरना : पुराने सम्बन्धों को एकदम भुला देना
मखमली जूते मारना : मीठी बातों से लज्जित करना
हथेली पर सरसों जमाना : काम इतनी जल्दी नहीं हो जाता
दाम लगाना : मूल्य आँकना
कच्चे घड़े से पानी भरना : ठीक ढंग से काम न करना

चाँदी का ऐनक लगाना : किसी न किसी प्रकार प्रतिष्ठा बनाए रखना
दिन को दिन रात को रात न समझना : कोई बड़ा काम करते समय अपने सुख आराम का कुछ भी ध्यान न रखना
रीढ़ टूटना : निराश हो जाना
शैतान की आँत : बहुत लम्बी वस्तु
सुबह शाम करना : टाल मटोल करना
हाथ ऊँचा होना : दान आदि के लिए मन में उदारता भाव होना
डंके की चोट पर कहना : सबके सामने घोषित करना
तीन तेरह होना : तितर बितर होना
एड़ी चोटी का पसीना एक करना : अत्यधिक श्रम करना
अंग-अंग ढीला होना : शिथिल होना
अंधे के हाथ बटेर लगना : किसी वस्तु का अनायास मिलना
आँख का पानी ढल जाना : निर्लज्ज हो जाना
कलेजा होना : हिम्मत होना
ओखली में सिर दिया तो मूसलों का क्या डर : कठिन काम शुरू करने पर कष्ट तो सहन करने ही पड़ते हैं
हाथ उठाकर देना : स्वेच्छा से किसी को कुछ देना
पानी न माँगना : तत्काल मर जाना
सिर उठाना : विरोध में आना

0 टिप्पणियाँ